The Basic Principles Of 5. Shabar Stambhan–Ucchatan



श्री शुक्ले महा-शुक्ले कमल-दल-निवासे श्री महा-लक्ष्मी नमो नम:। लक्ष्मी माई सत्त की सवाई। आओ, चेतो, करो भलाई। ना करो, तो सात समुद्रों की दुहाई। ऋद्धि-सिद्धि खावोगी, तो नौ नाथ चौरासी सिद्धों की दुहाई।।

हम सभी यह बात अच्छी तरह से जानते हैं कि चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण कई सालों के बाद आता है और चंद्र ग्रहण तथा सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना होती है.

ब्रह्मचर्य व्रत का पूर्ण रूप से पालन करें। 

अपने गुरु एवं परमात्मा पर पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें। 

हालांकि इसके लिए उसे पूरे विधि विधान से साधना करनी होगी, हमारे देश में ऐसे कई साधक हैं जो काफी लंबे समय तक ग्रहण काल आने का इंतजार करते हैं.

अगले पन्ने पर सिद्ध होकर क्या हो जाएगा...

गुरु के छत्र-छाया में ही अनुष्ठान करें। 

जियति संचारे। किलनी पोतनी। अनिन्तुश्वरि करे।

साधना रात्रि के शान्त वातावरण में करें। 

भैरव को बुलाने का मंत्र क्या है ? बटुक भैरव मंत्र एवं संपूर्ण साधना विधि जाने !

इसी तरह लगातार जप का अभ्यास करते रहने से आपके चित्त में वह मंत्र इस कदर जम जाता है कि फिर नींद में भी वह चलता रहता है और अंतत: एक दिन वह मंत्र सिद्ध हो जाता है। दरअसल, मन जब मंत्र के अधीन हो जाता है तब वह सिद्ध होने लगता है। अब सवाल यह उठता है कि सिद्ध होने के बाद क्या होता है या कि उसका क्या लाभ? आओ अगले पन्नों पर इसे जानते हैं।

ॐ मोसिद्धि गुरुपराय स्वीलिंग। महादेव की आज्ञा।

शस्त्र स्तंभन मंत्र : दुनिया का शक्तिशाली स्तम्भन प्रयोग सन्तोष यक्षिणी साधना : यक्षिणी की प्रचंड और तीव्र साधना धन निकालने का मंत्र : मायावी धन निकालने का आसान उपाय get more info मदनमेखला यक्षिणी साधना : यक्षिणी साधना से क्या होता हे?

ताकि वह ग्रहण काल में अपनी मनचाही सिद्धि कर पाए, ग्रहण काल में चाहे वैदिक मंत्र हो या फिर साबर मंत्र हो दोनों की सिद्धि की जा सकती है और दोनों ही मंत्र बड़ी जल्दी सिद्ध हो जाते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *